आयोग की कार्यशैली की करी आलोचना
सारी दुनिया। बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनावों के दौरान अपनाए गए रवैये को लेकर अदालतों तक की आलोचना झेल चुके चुनाव आयोग को एक और झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों में आयोग की पैरवी करने के लिए तय वकीलों के पैनल में शामिल मोहित डी राम ने इस्तीफा दे दिया है। सात मई को आयोग के कानून विभाग के निदेशक को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा, “चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यशैली और मेरे मूल्यों के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। इसलिए मैं पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”

बता दें कि मोहित 2013 से सुप्रीम कोर्ट और अन्य उच्च अदालतों में चुनाव आयोग की पैरवी कर रहे थे। उन्होंने इस्तीफे के साथ भेजे अपने पत्र में लिखा, “मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैंने चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व किया। मैंने आयोग के स्थाई कानूनी सलाहकार (स्टैंडिंग काउंसिल) के रूप में काम शुरू किया। वहां से आयोग के वकीलों के पैनल का सदस्य बना। यह उपलब्धि मेरे करियर में मील के पत्थर की तरह रही।”
गौरतलब है कि हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट ने 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न करवा पाने के लिए आयोग को फटकार लगाई थी। हाइकोर्ट ने आयोग पर कोरोना फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की। इसके बाद आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में इस टिप्पणी को हटाने और अखबारों में इससे जुड़ी रिपोर्टिंग को रोकने को लेकर अपील दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी याचिका खारिज कर दी।