आज की बदलती जीवनशैली हमारी सेहत पर गहरा असर डाल रही है। हमारा खान-पान, खाने-पीने की आदतें, प्रदूषण, तनाव और आनुवांशिक (जीनोमिक) कारक मिलकर कई तरह की बीमारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। शहरीकरण, गतिहीन जीवन, जंक-फूड तथा बाहर खाने की प्रवृत्ति से हमारी दिनचर्या काफ़ी बदल गई है। अब घर के बने साधारण भोजन…
Author: Renu
स्मृति शेष/विज्ञान क्षेत्र में विशिष्ट योगदानों के लिए सदैव याद रहेंगे डॉ. नार्लीकर
“गुरुत्वाकर्षण के हॉयल-नार्लीकर सिद्धांत के सह-विकास के लिए प्रसिद्ध डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। 86 साल की उम्र में इसी वर्ष मई माह में इस प्रख्यात भारतीय खगोल भौतिकीविद्, दूरदर्शी विचारक और विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने वाले, डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर का उनका पुणे स्थित अपने घर में निधन…
चावल-आधारित बायोप्लास्टिक: कचरे से टिकाऊ समाधान की ओर
– डॉ. रेनू यादव कचरे से धन का निर्माण: हरित क्रांति की दिशा में कदम आज पर्यावरणीय क्षरण एक गंभीर चुनौती बन चुका है, और इससे निपटने के लिए वैज्ञानिक समुदाय नए और टिकाऊ समाधान तलाशने में जुटा है। ऐसे में चावल-आधारित बायोप्लास्टिक (Rice based Bioplastic) में एक आशा की किरण दिखाई देती है।…
स्मृति शेष/ आम लोगों तक विज्ञान का प्रकाश पहुंचाया प्रो. जेवी नार्लीकर ने
“गुरुत्वाकर्षण के हॉयल-नार्लीकर सिद्धांत के सह-विकास के लिए प्रसिद्ध डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर नहीं रहे। भारतीय विज्ञान जगत के लिए यह एक अत्यंत दुखद क्षण है। प्रख्यात भारतीय खगोल भौतिकीविद्, दूरदर्शी विचारक और विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने वाले डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर का पुणे स्थित उनके निवास पर नींद में ही निधन हो गया।…




