अध्यापकों और विद्यार्थियों में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हरियाणा के सभी स्कूलों को तुरंत प्रभाव से 30 नवम्बर तक बंद कर दिया गया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा पंचकूला ने 20 नवंबर को एक आदेश जारी करते हुए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना अधिकारियों, खंड शिक्षा…
Category: विचार
प्रदेश में 228 प्राइमरी और 43 मिडिल स्कूल होंगे बंद
हरियाणा में सरकारी स्कूलों को बंद करने का सिलसिला लगातार जारी है। स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करवाकर और समस्याओं को दुरुस्त करके बच्चों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर देने की बजाय सरकार उन्हें बंद करने का निर्णय ले रही है। इस बार 271 ऐसे राजकीय प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों को बंद किया जाएगा, जिनमें…
अब लड़कियां भी ले सकेंगी सैनिक स्कूल में सकेंगी दाखिला
लड़कियों के लिए सैनिक स्कूलों के दरवाज़े खोलकर भारत ने लैंगिक समानता की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। जी हां! शैक्षणिक सत्र 2021-22 से देश में पहली बार लड़कियां भी सैनिक स्कूलों में दाखिला ले सकेंगी। सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए 10 जनवरी 2021 को होने वाली अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा…
महिला उत्पीड़न और हमारा समाज
तथाकथित उच्च वर्ग के लोगों द्वारा कमज़ोर तबके की लड़कियों के यौन शोषण की घटनाओं पर समाज और शासन-प्रशासन का नज़रिया अक्सर परेशान करने वाला रहता है। घटना कितनी भी अमानवीय क्यों न हो, आमतौर पर प्रशासन उसे दबाने या दोषियों को बचाने के प्रयास करते दिखता है। साथ ही, बहुसंख्यक समाज भी इस पर…
प्रदेश के विद्यार्थी अब आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी से कर सकेंगे कृषि विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई
हरियाणा सहित देशभर के विद्यार्थी अब आस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी से कृषि से सम्बंधित विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह के अनुसार, कोरोना महामारी के चलते फिजिकली रूप से आस्ट्रेलिया में जाकर पढ़ाई करना अभी संभव नहीं है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न…
पुस्तक समीक्षा : चौधरी छोटूराम एक चिंतन
– रोहित नारा, सहायक प्रोफेसर, ऑल इंडिया जाट हीरोज मेमोरियल कॉलेज, रोहतक अधिकांश उत्तर भारत चौधरी छोटू राम के नाम से परिचित है। समूचे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान उन्हें अपना मानता है। उनके जीवन, कार्यों और उनकी विचारधारा पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। किसान मसीहा और दलितोद्धारक के…
पुस्तक समीक्षा : ‘बाइटिगोंग’ को पढ़ने पर…… – रेनू यादव
सुरेन्द्र पाल सिंह जी द्वारा लिखित ‘बाइटिगोंग’ किताब एक ही सांस में पढ़कर खत्म की है। एक मित्र के माध्यम से ‘बाइटिगोंग’ मिली तो पढ़ने के लोभ को रोक नहीं पाई। ‘बाइटिगोंग’ का टाइटल और कवर फोटो देखकर किसी को भी यह धोखा हो सकता है कि यह मात्र यात्रा वृतान्तों का संकलन होगा, लेकिन…
पंजाब द्वारा पारित नए कृषि कानूनों की पड़ताल – राजेन्द्र चौधरी
केन्द्रीय सरकार द्वारा हाल ही में पारित कृषि कानूनों का बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। ये विरोध मूलतया उचित है पर अधूरा है। इस अधूरे विरोध का एक स्पष्ट उदहारण 20 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा द्वारा नए केन्द्रीय कृषि कानूनों में संशोधन हेतू पारित बिल हैं। देर सवेर अन्य कांग्रेस शासित राज्य भी…
दुनिया के 300 करोड़ लोगों के पास साबुन से हाथ धोने की सुविधा नहीं
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) से लेकर दुनियाभर की सरकारें तक मानती हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए साबुन से बार-बार हाथ धोने ज़रूरी हैं। इस के प्रचार पर करोड़ों-अरबों रुपए विज्ञापनों पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि दुनिया की 40 फीसदी आबादी के पास…
‘न्यू नॉर्मल’, ‘नॉर्मल नॉर्मल’ और हम
लेखक : मोहनरमणीक 2020 कुल जहां के लिए एक ऐसा साल बन आया है जिसकी कल्पना ख़्वाब में भी किसी ने नहीं की होगी। पांच-छः महीने गुजरने के बाद अंग्रेजी शब्दावली में भी अब इसे ‘द न्यू नॉर्मल’ यानि एक नई समान्य अवस्था कहा जाने लेगा है। इस न्यू नॉर्मल में हम क्या करें की…









